ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक वित्तीय बाजार में हलचल तेज है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने मूल्य (Value) के मामले में सोने की अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की है।
21वीं सदी का सबसे बड़ा ‘आउटफ्लो’
पिछले महीने सोने की कीमतों में जून 2013 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। डेटा से पता चलता है कि तुर्की द्वारा की गई भारी सोने की बिक्री और ‘स्वैप’ ने अन्य देशों की खरीद को पीछे छोड़ दिया।
- वजन और कीमत: मार्च में केंद्रीय बैंकों से शुद्ध रूप से 102 टन सोना बाहर निकला, जो वजन के मामले में इस सदी का रिकॉर्ड है।
- कुल मूल्य: पिछले महीने की औसत कीमतों के आधार पर इस बिकवाली का मूल्य लगभग $16 बिलियन (16 अरब डॉलर) रहा।
स्विस रिफाइनिंग और फाइनेंस ग्रुप MKS Pamp के रणनीतिकार निकी शिल्स के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में आई $1,000 की गिरावट का मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई यह भारी बिक्री ही है।
तुर्की ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए बेचा सोना
फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के समय तुर्की दुनिया का 10वां सबसे बड़ा स्वर्ण धारक था। तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की मजबूती के बीच, तुर्की के केंद्रीय बैंक (CBRT) ने अपने कुल भंडार का लगभग 15% सोना बेच दिया या कर्ज पर दे दिया।
आंकड़ों के अनुसार, तुर्की ने 27 मार्च तक के चार हफ्तों में 52 टन सोना बेचा और 79 टन सोना ‘गोल्ड स्वैप’ के जरिए उधार दिया। माना जा रहा है कि इस पैसे का उपयोग विदेशी मुद्रा बाजार में अपनी मुद्रा ‘लीरा’ को बचाने के लिए किया गया था, हालांकि लीरा फिर भी रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गई।
चीन और पोलैंड ने गिरावट का उठाया फायदा
जहाँ एक तरफ बिकवाली का माहौल था, वहीं कुछ देशों ने कम कीमतों पर सोना खरीदा:
- चीन: चीन का केंद्रीय बैंक (PBoC) रूस को पीछे छोड़कर दुनिया का 5वां सबसे बड़ा स्वर्ण धारक बन गया है। चीन ने पिछले महीने 5 टन सोने की खरीदारी की।
- पोलैंड: पिछले तीन वर्षों का सबसे बड़ा खरीदार पोलैंड, मार्च की गिरावट में भी पीछे नहीं रहा और 11 टन सोना खरीदकर दुनिया का 11वां सबसे बड़ा स्वर्ण धारक बन गया।
“भू-राजनीतिक जोखिमों के बढ़ने से केंद्रीय बैंकों के लिए सोने की अहमियत और बढ़ जाती है, क्योंकि यह डॉलर पर निर्भरता कम करने और संपत्ति में विविधता लाने का सबसे सुरक्षित जरिया है।” – मेटल्स फोकस (Metals Focus)
गोल्ड ETF में भी भारी बिकवाली
सिर्फ केंद्रीय बैंक ही नहीं, बल्कि आम निवेशकों ने भी गोल्ड ETF से पैसा निकाला। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, मार्च में वैश्विक स्तर पर 84 टन से अधिक की निकासी हुई, जिसका मूल्य लगभग $12 बिलियन रहा। यह सितंबर 2022 के बाद का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है।



