Thrash Review: नेटफ्लिक्स की नई शार्क थ्रिलर ने किया निराश; फोएबे डायनेवर और जिमन होंसू की मेहनत बेकार

मूवी रिव्यू: 'Thrash' – नेटफ्लिक्स पर औंधे मुंह गिरी यह 'शापित' शार्क थ्रिलर

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Thrash Review: नेटफ्लिक्स की नई शार्क थ्रिलर ने किया निराश
Thrash Movie Scene

नेटफ्लिक्स अक्सर उन फिल्मों का ठिकाना बन जाता है जिन्हें बड़े स्टूडियो थिएटर्स में रिलीज करने से कतराते हैं। ताजा मामला है शार्क थ्रिलर ‘Thrash’ (थ्रैश) का। 2024 में ‘बनीथ द स्टॉर्म’ के नाम से शुरू हुई, फिर ‘शिवर’ बनी और अब 2026 में ‘थ्रैश’ के नाम से नेटफ्लिक्स पर बिना किसी शोर-शराबे के रिलीज कर दी गई है।

बदकिस्मती से, नाम बदलने से फिल्म की किस्मत नहीं बदली। फोएबे डायनेवर और जिमन होंसू जैसे सितारों के होने के बावजूद, यह फिल्म एक उबाऊ और रोमांचहीन अनुभव साबित होती है।

कहानी: वही पुराना फॉर्मूला, कमजोर अंदाज

फिल्म का प्लॉट काफी हद तक एलेक्जेंडर आजा की ‘क्रॉल’ (Crawl) की याद दिलाता है। अंतर बस इतना है कि वहां मगरमच्छ थे और यहाँ भूखे शार्क हैं। एक भयानक तूफान शहर को तबाह कर देता है और अपने साथ शार्क के झुंड को लोगों के घरों और सड़कों तक ले आता है।

  • भटका हुआ निर्देशन: निर्देशक टॉमी विरकोला, जो ‘डेड स्नो’ और ‘वायलेंट नाइट’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, यहाँ पूरी तरह बेअसर दिखे। उनकी फिल्मों में अक्सर कॉमेडी और हॉरर का मेल होता है, लेकिन ‘थ्रैश’ में न तो डर है और न ही रोमांच।
  • कमजोर एडिटिंग: फिल्म की एडिटिंग इतनी बिखरी हुई है कि कोई भी सीन दर्शकों को बांधने में सफल नहीं होता। शार्क के हमले भी इतने नकली लगते हैं कि वे डराने के बजाय हंसी पैदा करते हैं।

कलाकारों का प्रदर्शन: सितारों की बर्बादी

फिल्म में कलाकारों का चयन और उनका काम फिल्म की सबसे कमजोर कड़ियों में से एक है:

  • फोएबे डायनेवर: ‘ब्रिजरटन’ फेम फोएबे एक ऐसी गर्भवती महिला के किरदार में हैं, जो बार-बार मिल रही चेतावनियों के बावजूद शहर नहीं छोड़ती। उनका किरदार इतना लापरवाही भरा है कि दर्शकों को उनके लिए सहानुभूति महसूस नहीं होती।
  • जिमन होंसू: एक शानदार अभिनेता होने के बावजूद, उन्हें केवल भारी-भरकम संवाद (Exposition) बोलने के लिए रखा गया है। वह एक मरीन बायोलॉजिस्ट की भूमिका में हैं जो अपनी भतीजी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

“Thrash का सबसे बड़ा दोष यह है कि यह ‘शार्क’ जैसे खतरनाक शिकारी को भी उबाऊ बना देती है। फिल्म में सस्पेंस की इतनी कमी है कि आप क्लाइमेक्स का इंतजार करने के बजाय फिल्म बंद करना बेहतर समझेंगे।”

तकनीकी खामियां और ‘नकली’ अहसास

फिल्म की शूटिंग ऑस्ट्रेलिया में हुई है, जबकि कहानी अमेरिका की है। ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई कलाकार अमेरिकी लहजे में बोलने की कोशिश करते हैं, जो बेहद बनावटी लगता है। इसके अलावा, फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) इतने खराब हैं कि यह किसी लो-बजट टीवी मूवी जैसी नजर आती है।


क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?

यदि आप शार्क फिल्मों के बहुत बड़े शौकीन हैं और आपके पास देखने के लिए कुछ और नहीं है, तो ही इसे देखें। अन्यथा, नेटफ्लिक्स पर मौजूद बेहतर थ्रिलर्स को चुनना ज्यादा अच्छा विकल्प होगा। ‘थ्रैश’ उन फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल होती है जिन्हें शायद उनके पिछले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने छोड़कर सही फैसला किया था।

हमारी रेटिंग: 1.5/5 स्टार

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