हाल ही में न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज Daryl Mitchell ने इस मिस्ट्री एक्शन का मुकाबला करने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया, जिसकी भारतीय दिग्गज स्पिनर Ravichandran Ashwin ने जमकर प्रशंसा की है।
अश्विन की ‘मास्टर क्लास’ रणनीति का सफल प्रयोग
टूर्नामेंट के दौरान जब भारत और पाकिस्तान के मुकाबले की तैयारी चल रही थी, तब अश्विन ने भारतीय बल्लेबाजों को एक खास सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि जब तारिक अपनी डिलीवरी के दौरान बीच में रुकते (Pause) हैं, तो बल्लेबाजों को अपनी स्टेंस (Stance) से पीछे हट जाना चाहिए।
- PSL 2026 में दिखा असर: 10 अप्रैल को कराची में क्वेटा ग्लैडिएटर्स और रावलपिंडीज़ के बीच हुए मुकाबले में डेरिल मिचेल ने ठीक यही रणनीति अपनाई।
- अश्विन का सोशल मीडिया पोस्ट: अश्विन ने X (ट्विटर) पर लिखा, “शाबाश मिचेल! अब यह अंपायरों और मैच रेफरियों पर है कि वे उनकी डिलीवरी के पॉज़ का समय तय करें। अगर यह पॉज़ स्थिर नहीं है, तो बल्लेबाज को हटने का पूरा अधिकार है।”
कप्तानों और बल्लेबाजों के लिए अश्विन की सलाह
अश्विन का मानना है कि इस तरह के एक्शन से निपटने के लिए कप्तानों को खेल शुरू होने से पहले ही अधिकारियों से बात करनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि गेंदबाज जानबूझकर देरी कर रहा है, तो यह खेल की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
“मिचेल भी सही हैं और तारिक भी। लेकिन अंपायरों को यह मॉनिटर करना होगा कि क्या तारिक हर गेंद पर जानबूझकर अलग-अलग समय तक रुक रहे हैं।” – आर अश्विन
YouTube पर पहले ही कर चुके थे खुलासा
इस साल की शुरुआत में अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर विस्तार से बताया था कि वह खुद ऐसी स्थिति में क्या करते। उन्होंने कहा था, “अगर मैं वहां होता, तो मैं बस यह कह देता कि मुझे नहीं पता वह गेंद कब छोड़ेंगे और मैं अपनी जगह से हट जाता। इससे गेंदबाज पर भारी मानसिक दबाव बनता है।”
अश्विन के अनुसार, नियमों के भीतर रहकर मैच जीतने के लिए ऐसी चतुराई बहुत जरूरी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अन्य टीमें भी उस्मान तारिक के खिलाफ इसी ‘अश्विन फॉर्मूले’ का इस्तेमाल करती हैं।



