Lashkar-e-Taiba (LeT) के सह-संस्थापक और खूंखार आतंकी Amir Hamza को Lahore, Pakistan में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। रिपोर्ट के अनुसार, हमजा पर हमला उस समय हुआ जब वह एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर था, फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
अमीर हमजा, जो Hafiz Saeed का सबसे करीबी माना जाता है, भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। लाहौर के अस्पताल में भर्ती इस आतंकी पर पिछले एक साल में यह दूसरा जानलेवा हमला है, जिससे पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे आतंकियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
❓ लाहौर में Amir Hamza पर हमला कैसे हुआ?
जानकारी के मुताबिक, लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने हमजा की गाड़ी को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग की। यह घटना एक लोकल न्यूज़ चैनल के ऑफिस के बाहर हुई, जहाँ हमलावर पहले से ही घात लगाकर बैठे थे।
हैरानी की बात यह है कि पिछले साल मई (2025) में भी उस पर इसी तरह का हमला हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तानी एजेंसियों ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। हालांकि, एक बार फिर ‘अज्ञात हमलावरों’ ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर उसे निशाना बनाया है, जो पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
🛑 Who Is Amir Hamza? भारत के लिए क्यों है यह बड़ा नाम?
Amir Hamza का जन्म 1959 में पाकिस्तान के Gujranwala में हुआ था और वह अफगान जिहाद का एक पुराना खिलाड़ी है। उसने 1985-86 के दौरान हाफिज सईद के साथ मिलकर Lashkar-e-Taiba की नींव रखी थी।
भारत के लिए वह सबसे बड़ा खतरा इसलिए है क्योंकि उसे 2005 में बेंगलुरु के Indian Institute of Science (IISc) पर हुए आतंकी हमले का मुख्य योजनाकार माना जाता है। यह कश्मीर के बाहर लश्कर का पहला बड़ा हमला था, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
⚖️ US Sanctions और वैश्विक आतंकी का टैग
अमीर हमजा केवल भारत की हिट लिस्ट में नहीं है, बल्कि United States Department of the Treasury ने उसे एक वैश्विक आतंकवादी (Global Terrorist) घोषित किया हुआ है।
2012 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया था कि हमजा लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा था और वह हाफिज सईद के सीधे निर्देश पर ग्रुप के विदेशी संबंधों को संभालता था। वह लश्कर के प्रोपेगेंडा विंग का भी प्रमुख रहा है और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में माहिर माना जाता है।
💡 5 Factual Insights: लश्कर के नेटवर्क और हमजा का प्रभाव
- 🔹 Terror Ideologue: हमजा को लश्कर का सबसे बड़ा विचारक (ideologue) माना जाता है, जिसने ‘Qafila Da’wat aur Shahadat’ जैसी किताबें लिखकर प्रोपेगेंडा फैलाया।
- 🔹 Splinter Group: 2018 में वित्तीय पाबंदियों के बाद हमजा ने लश्कर से अलग होकर Jaish-e-Manqafa नाम का एक नया गुट बनाया था।
- 🔹 Strategic Role: वह लश्कर के “विशेष अभियानों” (special campaigns) विभाग का प्रमुख था, जो चंदा जुटाने और भर्ती का काम देखता था।
- 🔹 US Sanctions: अमेरिका ने हमजा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिससे वह वैश्विक बैंकिंग सिस्टम का उपयोग नहीं कर सकता।
- 🔹 Recent Trend: पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में भारत विरोधी कई आतंकियों की ‘अज्ञात हमलावरों’ द्वारा हत्या की खबरें आई हैं, जिसे ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ के रूप में देखा जा रहा है।
❓ क्या लश्कर में फूट पड़ गई है? हमजा का अलग होना
2018 में जब Jamaat-ud-Dawah और Falah-e-Insaniat Foundation पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा, तो हमजा ने मुख्य संगठन से दूरी बना ली थी। उसने अपना नया ग्रुप बनाया जो विशेष रूप से कश्मीर केंद्रित ऑपरेशंस पर ध्यान देता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठनों के भीतर वर्चस्व की लड़ाई या सुरक्षा एजेंसियों के बदलते रुख के कारण भी हमजा जैसे पुराने चेहरों पर हमले हो सकते हैं। हालांकि, वह लश्कर की विचारधारा के लिए आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पहले था।
📌 Conclusion: क्या भारत के दुश्मनों का अंत शुरू हो गया है?
Amir Hamza पर हुआ हमला पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। चाहे वह आपसी रंजिश हो या किसी का ‘ऑपरेशन’, सच्चाई यह है कि भारत के गुनहगार अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
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