Islamabad/Washington: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई ऐतिहासिक अमेरिका-ईरान शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। करीब 21 घंटे की लंबी बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोनों बिना किसी नतीजे के इस्लामाबाद से रवाना हो गए।
📌 मुख्य बातें
- इस्लामाबाद में 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही।
- अमेरिका की मुख्य मांग — ईरान परमाणु हथियार न बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दे।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा — दो-तीन अहम मुद्दों पर मतभेद के चलते वार्ता टूटी।
- अमेरिका ने ईरान के सामने “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव” रखा है, जवाब का इंतज़ार है।
- यह दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तरीय सीधी बातचीत थी।
🇺🇸 JD Vance ने क्या कहा?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत ठोस और गहरी रही, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद का मूल कारण अमेरिका की यह मांग है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की स्पष्ट और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दे।
“अमेरिका का रुख लचीला और अच्छे विश्वास के साथ था, लेकिन ईरान ने हमारी शर्तें स्वीकार नहीं कीं। अब हमने अपना अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव ईरान के सामने रख दिया है — हम तेहरान के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं।”
🇮🇷 ईरान का पक्ष
ईरान के राज्य-संचालित टेलीविज़न ने पुष्टि की कि उनका प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के इस्लामाबाद से वापस आ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दो से तीन अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बड़ा अंतर बना रहा जिसके चलते वार्ता टूट गई।
हालांकि, ईरान ने X पर जारी एक पहले के बयान में संकेत दिया था कि कुछ मतभेद बने रहने के बावजूद बातचीत आगे जारी रहेगी।
🤝 किन मुद्दों पर हुई बात?
- 🔹 परमाणु हथियार: ईरान द्वारा परमाणु क्षमता न विकसित करने की प्रतिबद्धता।
- 🔹 पश्चिम एशिया में सीजफायर: लेबनान सहित क्षेत्र में युद्धविराम की संभावना।
- 🔹 ईरानी संपत्तियां: अमेरिका में जमी ईरान की फ्रोज़न एसेट्स की वापसी।
- 🔹 होर्मुज़ जलडमरूमध्य: दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग पर शिपिंग की स्थिति।
👥 कौन-कौन शामिल था वार्ता में?
| अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल | ईरानी प्रतिनिधिमंडल |
|---|---|
| उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (प्रमुख) | संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ (प्रमुख) |
| स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ | विदेश मंत्री अब्बास अराघची |
| जेरेड कुशनर (ट्रंप के दामाद व सलाहकार) | सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप प्रमुख अली बाघेरी-कानी |
🇺🇸 ट्रंप का बयान
वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ समझौता हो या न हो, उनके लिए कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ऑपरेशन जारी हैं और “अमेरिका पहले ही जीत चुका है।”
🇮🇱 इज़राइल के PM नेतन्याहू का बयान
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इज़राइल ने ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नाकाम किया है। उन्होंने कहा कि इज़राइल ने यह अभियान इसलिए शुरू किया क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था और प्रतिदिन सैकड़ों मिसाइल बनाने की क्षमता रखता था।
🔭 आगे क्या?
अमेरिका ने ईरान के सामने अपना “अंतिम प्रस्ताव” रख दिया है और तेहरान के जवाब का इंतज़ार है। ईरान ने संकेत दिया है कि बातचीत का दरवाज़ा अभी बंद नहीं हुआ है। यह वार्ता दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी कूटनीतिक कोशिश थी — अब दुनिया की निगाहें तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं।
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